आई बसंत और खुशियाँ लायी
कोयल गाती मधुर गीत प्यार के
चारों और जैसे सुगंध छाई
फूल अनेकों महके बसंत के
सूरज हर शाम को ढल ही जाता है ,
पतझड बसंत में बदल ही जाता हे ,
मेरे मन मुसीबत में हिम्मत मत हारना
समय कैसा भी गुजर ही जाता है…
बलबुध्धि विद्या देहू मोहि
सुनहु सरस्वती मातु
राम सागर अधम को
आश्रय तूही देदातु!!
किताबों का साथ हो, पेन पर हाथ हो
कॉपिया आपके पास हो, पढाई दिन रात हो
ज़िंदगी के हर इम्तिहान में आप पास हो
हैप्पी बसंत पंचमी
उमंग दिल में और आँखों में है प्यार
खुशियाँ लेकर आया बसंत का त्योंहार
शरद की फुहार, किरणें सूरज की
हो शुभकामना आपको बसंत की