आई बसंत और खुशियाँ लायी
कोयल गाती मधुर गीत प्यार के
चारों और जैसे सुगंध छाई
फूल अनेकों महके बसंत के
हलके-हलके से हो बादल, खुला-खुला सा आकाश,
मिल कर उड़ाएं पतंग अमन की,
आओ फैलायें खुशियों का पैगाम।
बसंत पंचमी की शुभकामनाएं!
लेके मौसम की बहार
आया बसंत ऋतू का त्यौहर
आओ हम सब मिलके मनाएं
दिल में भरकर उमंग और प्यार
बसंत पंचमी की बधाई
सूरज हर शाम को ढल ही जाता है
पतझड बसंत में बदल ही जाता हे
मेरे मन मुसीबत में हिम्मत मत हारना
समय कैसा भी गुजर ही जाता है
इस वसंत पंचमी मां सरस्वती आपको हर वो विद्या दे जो आपके पास नहीं है,
जो है उस पर चमक दे जिससे आपकी दुनिया चमक उठे।
वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की शुभकामनाएं!