“उनसे कहना की क़िस्मत पे ईतना नाज ना करे ,
हमने बारिश मैं भी जलते हुए मकान देखें हैं…… !!
टीचर – संजू यमुना नदी कहॉं बहती है ?संजू – जमीन परटीचर – नक्शे में बताओं कहॉं बहती है ?संजू – नक्शे में कैसे बह सकती है, नक्शा गल नहीं जाएगा |
कोई वादा ना कर, कोई ईरादा ना कर!
ख्वाईशो मे खुद को आधा ना कर!
ये देगी उतना ही, जितना लिख दिया खुदा ने!
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर!
Magar
rani sirf badsah ki hi hoti haii..
हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो।