दिल की एक ही ख़्वाहिश हैं..
धड़कनों की एक ही इच्छा हैं..
के तुम मुझे अपनी बाहों में पनाह दे दो,
और में खो जाओ...
बिन बात के ही रूठने की आदत है,
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है,आप खुश रहें, मेरा क्या है..मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है।
सास :- कितनी बार कहा की बहार
जाओ तो बिंदी लगा कर जाया करो..
आधुनिक बहु :- पर जीन्स पर बिंदी
कौन लगता है..?
सास :- तो मैंने कब कहा जीन्स पर लगा?
माथे पर लगा चुड़ैल, माथे पर..!
😂😂😂😂😂
धूप भी खुल के कुछ नहीं कहती ,
रात ढलती नहीं थम जाती है.
सर्द मौसम की एक दिक्कत है ,
याद तक जम के बैठ जाती है....
ईश्वर हर जगह नहीं हो सकते
इसलिए उन्होंने माँ को बनाया