क्यूट तो मे बचपन से ही हू..
जब पैदा हुआ तब मम्मी को तो क्या,
नसॅ को भी मजबूर कर दिया था चुम्मी लेने को..!!
तेरी मोहब्बत को तो पलकों पर सजायेंगे;
मर कर भी हर रस्म हम निभायेंगे;
देने को तो कुछ भी नहीं है मेरे पास;
मगर तेरी ख़ुशी मांगने हम खुदा तक भी जायेंगे।
महफूज रखती हूँ दिल में, तेरे इश्क का फसाना, आँखों से पढ लिया करो, क्या जरूरी है बताना..
पके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,
सांसों में मेरी खुशबु बनके बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेरे इश्क का जादू,
सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।
सज़ा ना दे मुझको बेकसूर हूँ मैं थाम ले
मुझको गमों से चूर हूँ मैं
तेरी दूरी ने कर दिया पागल सा मुझे
और लोग कहते हैं दीवाना हूँ मैं !!