दूसरों के काम बिगाड़ने
वाले लोग एक ढूढ़ने पर
हजारों मिल जाते हैं,
लेकिन दूसरों के काम
बनाने वाला हजारों में
कोई एक होता है. दूसरों
के काम बनाने वाले बनिए
और अगर किसी की मदद
नहीं कर सकते हैं तो, उसकी
राह में रोड़े अटकाने वाले
मत बनिए
शुभचिंतक वो नही होते जो आपसे रोज़ मिलें और बातें करें...
शुभचिंतक वो है जो आपसे रोज़ ना भी मिल सकें
फिर भी आपकी ख़ुशी के लिए प्रार्थना करें...
सुप्रभात
एक रोस उनके लिएजो मिलते नही रोज़-रोज़,मगर याद आते है हर रोज़ |
किस लोभ से “किसान” आज भी, लेते नही विश्राम हैं,
घनघोर वर्षा में भी करते निरंतर काम हैं
शिक्षा के प्रति प्रत्येक किसान को जागरूक होना चाहिए तभी उनका जीवन बेहतर हो सकता हैं.
दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है।
अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो