Yeh Mat Samajh Tere Kabil Nahi Hain Hum,Tadap Rahe Hain Woh Jinhein Haasil Nahi Hain Hum.
उन को चाहना मेरी मोहब्बत है उन्हें कह न पाना मेरी मजबूरी है वो खुद क्यों नही समझता मेरे दिल की बात को क्या प्यार का इज़हार करना ज़रूरी है
मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं,आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं,आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं,जहाँ किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते है।
सितारे लटके हुए हैं तागों से आस्माँ परचमकती चिंगारियाँ-सी चकरा रहीं आँखों की पुतलियों मेंनज़र पे चिपके हुए हैं कुछ चिकने-चिकने से रोशनी के धब्बेजो पलकें मूँदूँ तो चुभने लगती हैं रोशनी की सफ़ेद किरचेंमुझे मेरे मखमली अँधेरों की गोद में डाल दो उठाकरचटकती आँखों पे घुप्प अँधेरों के फाए रख दोयह रोशनी का उबलता लावा न अन्धा कर दे ।
आओ झुक के सलाम करें उनको,जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,खुशनसीब होता है वो खून,जो देश के काम आता है.