रजाई खींचना देशद्रोह के बराबर…
उसके बाद किसी ने चाय
नही पिलायी
तो “असहिष्णुता माना” जाये…
इस बरसाती ठण्ड के मौसम में रजाई के अंदर रहना ही श्रेष्ठ कर्म है
और टमाटर की चटनी के साथ पकोड़े, चाय मिलना मोक्ष की प्राप्ति..
ब्रेकिग न्यूज –
आनेवाले कड़ाके की ठण्डको देखते हुए
केन्द्र सरकार का एक बड़ा फैसला,
“नहाये हुए व्यक्ति को छुने वाला व्यक्ति भी
नहाया हुआ माना जायेगा”
संता – आज मैंने पानी को बुद्धू बना दिया
पानी गर्म किया,
पानी ने सोचा होगा कि अब मैं नहाऊंगा
लेकिन मैं नहाया ही नहीं
बंता – अरे मैंने तो आज पूरे परिवार
को ही बुद्धू बना दिया
बाथरूम में नहाने के लिए गया और
बस कपड़े बदल कर बाहर आ गया
बड़ी बेवफ़ा हो जाती है ग़ालिब, ये घड़ी भी सर्दियों में,
5 मिनट और सोने की सोचो तो, 30 मिनट आगे बढ़ जाती है