सोना नरम होकर जेवर बन जाता है !
मिट्टी नरम होकर खेत बन जाती है,
आटा नरम होता है तो रोटी बन जाती है ! ठीक इसी तरह अगर इंसान भी नरम हो
जाये तो लोगो की दिलों मे अपनी जगह बना लेता है !
तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो,प्यार का तालुक भी अजीब होता है,आंसू मेरे थे सिसक रहा था वो..
ITs a new Year,
with new Fear...
TIme to take on new Chances...
And make new Advances...
जिनका कद ऊँचा होता है
वो दूसरों से झुक कर ही बात करते हैं
कुछ इस तरह से नव वर्ष की शुरुआत होगी
चाहत अपनों की सबके साथ होगी
न फिर गम की कोई बात होगी
क्योंकि नये साल में खुशियों की बरसात होगी |
हैप्पी न्यू ईयर 2018