टी टी: - ये विकलांग लोगों का डिब्बा है इसमें क्यों सफर कर रहे हो...???पप्पू: जी सर मेरे साथ ये है...!!टी टी: - ये तो आम है।पप्पू: - हाँ लेकिन ये लँगड़ा आम है...
हे ईश्वर… बस एक छोटी सी दुआ है,
जिन लम्हों में, मेरे अपने मुस्कुराते हो…
वो लम्हे कभी ख़त्म न हो…
जिस प्रभात से, परमात्मा का स्मरण हो जाये,
वह प्रभात, सुप्रभात हो जाता है।
ईश्वर हर जगह नहीं हो सकते
इसलिए उन्होंने माँ को बनाया
Motu : Meri Patni ka kal Dehant ho gaya. Mai Lakh rona chaha, Par meri Aankhon se Aansu hi nahi nikli.
Patlu : Lo esme kya bari baat hai, Tumhe yeh kalpana karani chahiye thi ki wah avi avi wapas lot kar aane wali hai.