जो झुकते है जिंदगी में वो बुझदिल नहीं होते यह हुनर होता है उनका हर रिश्ता निभाने का...
कितने मूर्ख हैं
हम भगवान के बनाए फलों को भगवान को ही अर्पण करके धन दौलत माँगने लगते हैं
बलबुध्धि विद्या देहू मोहि
सुनहु सरस्वती मातु
राम सागर अधम को
आश्रय तूही देदातु!!
सहस शील हृदय में भर देजीवन त्याग से भर दे,संयम सत्य स्नेह का वर देमाँ सरस्वती आपके जीवन में उल्लास भर दे!
Hawao K Hath Arman Bheja Hai,
Network K Zriye Pegam Bheja Hai,
Furst Mile To Kabul Kr Lena,
‘Hamne’ Apko Sbse Pehle,
HOLI Ka RAM RAM Bheja
Happy Holi..