कोई पुछ रहा हे मुजसे मेरी जीन्दगी की कीमंत....मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना......
बड़ी हिम्मत दी उसकी जुदाई ने ना अब किसी को खोने का दुःख ना किसी को पाने की चाह।
आप को देख कर यह निगाह रुक जाएगी
खामोशी अब हर बात कह जाएगी
पढ़ लो इन आँखों में अपनी मोहब्बत
कसम से सारी कायनात इसे सुनने को थम जाएगी
बम भोले डमरू वाले शिव का प्यारा नाम है
भक्तो पे दर्श दिखाता हरी का प्यारा नाम है
शिव जी की जिसने दिल से की है पूजा
भगवान् शंकर ने सवारा उसका काम है !
मुझे ना सताओ इतना कि मैं रुठ जाऊं तुमसे,
मुझे अच्छा नहीं लगता अपनी साँसों से जुदा होना।