मैंने पूछा चाँद से कि देखा है कहीं मेरे चाँद सा हसीनचाँद ने कहा - " हाँ बहुत बहुत लोगो के साथ"
न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम।।
दारू की खुशबू, बियर की मिठास..!!गांजे की रोटी, चरस का साग..!!भांग के पकोड़े, अफीम का प्यार..!!मुबारक हो आपको नशेड़ियों का त्यौहार!
इकरार में शब्दों की एहमियत नही होती,
दिल के जज़बात की आवाज़ नही होती,
आँखें बयान कर देती हैं दिल की दास्तान,
मोहब्बत लफज़ो की मोहताज़ नही होती!
या देवी सर्वभूतेषु
शक्तिरूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै
नमस्तस्यै नमो नम:.