जिस प्रभात से, परमात्मा का स्मरण हो जाये,
वह प्रभात, सुप्रभात हो जाता है।
मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू सुना है आबशारों को बड़ी तकलीफ़ होती है
खुदारा अब तो बुझ जाने दो इस जलती हुई लौ को चरागों से मज़ारों को बड़ी तकलीफ़ होती है कहू क्या वो बड़ी मासूमियत से पूछ बैठे है क्या सचमुच दिल के मारों को बड़ी तकलीफ़ होती है
तुम्हारा क्या तुम्हें तो राह दे देते हैं काँटे भी मगर हम खांकसारों को बड़ी तकलीफ़ होती है
ऐ हसीन चाँद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना,
लाखो तारों की सजी महेफिल संग रोशनी करना,
तुम छुपा लेना अँधेरे को ऐसे,
हर रात के बाद एक खुबसूरत सँवेरा देना.
हँसता हुआ चेहरा आपकी शान बढ़ाता है मगर....
हँसकर किया हुआ कार्य आपकी पहचान बढ़ाता है
कौन कहता है कि
इंसान खाली हाथ आता है
और खाली हाथ जाता है ?
ऐसा नहीं है.,
इंसान भाग्य लेकर आता है
और
कर्म लेकर जाता है
🌹Life is very beautiful🌹
🌞 शुभ प्रभात 🌞