जुम्बिश लबों की तेरी दस्तक थी दिल पे मेरे,
उफ़्फ़ बेक़रारी-ए-दिल था इंतज़ार एक हाँ का!
Aa Bichadne Ka Koi Aur Tareeqa DhoodhenPyyar Badhta Hai Meri Jaaan Khafa Rahne Se
बहुत दूर है तुम्हारे घर से हमारे घर का किनारा,पर हम हवा के हर झोंके से पूछ लेते हैं क्या हाल है तुम्हारा।
जब यार मेरा हो पास मेरे, मैं क्यूँ न हद से गुजर जाऊँ, जिस्म बना लूँ उसे मैं अपना, या रूह मैं उसकी बन जाऊँ।
छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।