लड़ाई के बाद भी मुस्कुराती है,
उनकी यही अदा तो हमको भाती हैं।
ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं
ना पास रहने से जुड़ जाते हैं
यह तो एहसास के पक्के धागे हैं
जो याद करने से और मजबूत हो जाते हैं
सपनो से दिल लगाने की आदत नहीं रही,
हर वक्त मुस्कुराने की आदत नहीं रही,
ये सोच के की कोई मनाने नहीं आएगा,
हमें रूठ जाने की आदत नहीं रही |
Bharam Rakho Mohabbat Ka
Wafa Ki Shaan Ban Jao,
Kisi Par Jaan De Do Ya
Kisi Ki Jaan Ban Jao,
Tumhare Naam Se Mujhko
Pukaare Yeh Jahan Wale,
Main Ban Jayun Afsaana
Aur Tum Unwaan Ban Jaao.
वो मेरे पास से गुजरे और हाल तक ना पूछा
मैं कैसे मान जाऊँ कि वो दूर जाके रोये