❝सोचते थे मिलेगा सुकून ऐ दिल उनसे मिलकर,
पर दर्द और बढ़ जाता है उन्हें देखने के बाद।❜❜
कुछ लम्हे और उसका साथ चाहता था,
आँखों में थमी वो बरसात चाहता था !!
जानता हु बहुत चाहती थी वो,
मगर उसकी जुबान से 1 बार इज़हार चाहता था...!!
ये वर्ष आपके लिए खुशियों का नगर हो,
क्या बखूबी हो हर एक खुशी आपकी अगर हो.
हर रात फुर्सत के नए गीत सुनाए,
लम्हों के लबों पे भी शबनम का असर हो.
नए साल की दिन के साथ,
आपकी जिंदगी भी खुशियों से भर जाए.
नया साल आपको और आपके समस्त
परिवार को बहुत मुबारक हो.
तेरी साँसों में बिखर जाऊं तो अच्छा है,
बन के रूह तेरे जिस्म मे उतार जाऊं तो अच्छा है,
किसी रात तेरी गोद में सर रख कर सो जाऊं,
उस रात की कभी सुबह ना हो तो अच्छा है