आँखें मेरी सावन की तरह बरसती है,
उसे एक बार जी भरकर देखने को तरसती है.
इस दफा तो बारिशें रूकती ही नहीं,
हमने क्या आसूं पिए की मौसम रो पड़े!
तुम्हें पहली बारिश पसंद है और मुझे तुमतुम्हें हँसना पसंद है मुझे हँसते हुए तुम,तुम्हें हमसे बात करना पसंद है, मुझे बोलते हुए तुमतुम्हें सब कुछ पसंद हैं और मुझे बस तुम...
ऐ सावन की बारिश जरा थम के बरसजब मेरा सनम आ जाए तो जम के बरसपहले ना बरस कि वो आ न सकेजब वो आ जाए तो इतना बरस कि वो जा न सके
Itni Shidat Se To Barsaat Be Kam Kam BarsayJis Traha Ankh Teri Yaad Main Cham Cham BarsayMinatien Kon Kary Aik Gharondy Ke LyeKah Do Baadal Se Barasta Hai To Jam Jam Barsay