डूबकर मेहनत करो अपने आज पर,
कल जब उभरोगे तो सबसे अलग ही निखरोगे
परिश्रम वह चाबी है
जो सौभाग्य के द्वार खोलती है
जीवन बहती नदी है, अतः हर परिस्थिति में आगे बढे
जहा कोशिश का कद बड़ा होता है
वह नसीबो को भी झुकना पड़ता है
वक़्त को भी हुआ है ज़रूर किसी से इश्क़,जो वो बेचैन है इतना कि ठहरता ही नहीं।
बुराई को देखना और सुनना ही
बुराई की शुरुआत है