गजब किरदार है मोहब्बत का,
अधूरी हो सकती है मगर खत्म नहीं.
वो मेरे पास से गुजरे और हाल तक ना पूछा
मैं कैसे मान जाऊँ कि वो दूर जाके रोये
वक़्त बदलता है हालात बदल जाते हैं,
ये सब देख कर जज़्बात बदल जाते हैं
Apni tanhaayi se tang aa kar..
Bahut se aainey khareed laya hun …
Dekhi hotho ki hasi zakham na dekhe dil ka,
aap bhi oron ki tarha kha gae dhokha keishe!