हाल तो पूछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है
कुछ अल्फ़ाज़ की तरतीब से बनती है शायरी
कुछ चेहरे भी मुकम्मल ग़ज़ल हुआ करते हैं
आँखों में मंज़िलें थी
गिरे और सँभालते रहे..
आँधियों में क्या दम था
चिराग हवा में भी जलते रहे…
आज है महाशिवरात्रि
करिये भोले भंडारी का जाप
उनके जाप से धुलते हैं सारे पाप
महाशिवरात्रि की शुभकामनायें...
Yaado k jungle me tab tak firta hu
Jab tak pair lahu luhan nahi ho jate..