इस अंधेरी रात मे तेरी यादे रोशनी
लाती है अब तेरे बिना मुझे नींद कहां आती है !
एक जैसे दोस्त सारे नही होते,कुछ हमारे होकर भी हमारे नहीं होते,आपसे दोस्ती करने के बाद महसूस हुआ,कौन कहता है ‘तारे ज़मीं पर’नहीं होते.
हो चुकी रात अब सो भी जाइएजो हैं दिल के करीब उनके ख्यालों में खो जाइएकर रहा होगा कोई इंतज़ार आपकाख़्वाबों में ही सही उनसे मिल तो आइये.
दोस्तों रात्री का समय सबसे अच्छा समय होता है हम सभी के लिए क्यूंकि दिन भर की दौड़ धुप के बाद एक रात्रि का ही वक़्त होता है जब हम शांति से बैठते है और सभी दिक्कतों परेशानियों को भूल कर एक सुन्दर और नई सुबह का इंतज़ार में सो जाते हैं.
अगर मै हद से गुज़र जाऊ तो मुझे माफ़ करना,तेरे दिल में उत्तर जाऊ तो मुझे माफ़ करना,रात में तुझे देख के तेरे दीदार के खातिर,पल भर जो ठहर जाऊ तो मुझे माफ़ करना!!!!शुभरात्रि दोस्तों !!