दिल की बातें बता के सोये,
सब को गुड नाईट बोल के सोये।
शुभरात्रि।
एक जैसे दोस्त सारे नही होते,कुछ हमारे होकर भी हमारे नहीं होते,आपसे दोस्ती करने के बाद महसूस हुआ,कौन कहता है ‘तारे ज़मीं पर’नहीं होते.
रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं,कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज,हाथ में जाम हैं,मगर पिने का होश नहीं.
आपके होठों पे मुस्कान भेज दूँ,आपके पास अपनी यादें भेज दूँ,सोने का हुआ है वक्त अभी,आपके लिए प्यारा सा ख्वाब भेज दूँ.Good Night.
हो चुकी रात अब सो भी जाइएजो हैं दिल के करीब उनके ख्यालों में खो जाइएकर रहा होगा कोई इंतज़ार आपकाख़्वाबों में ही सही उनसे मिल तो आइये.