ऐ पलक तू बन्द हो जा,
कम से कम उनकी सूरत तो नजर आयेगी,
दिन तो ऐसे ही निकल जाता है,
कम से कम रात तो सुकून से गुज़र जायेगी।
हो चुकी रात अब सो भी जाइएजो हैं दिल के करीब उनके ख्यालों में खो जाइएकर रहा होगा कोई इंतज़ार आपकाख़्वाबों में ही सही उनसे मिल तो आइये.
अगर मै हद से गुज़र जाऊ तो मुझे माफ़ करना,तेरे दिल में उत्तर जाऊ तो मुझे माफ़ करना,रात में तुझे देख के तेरे दीदार के खातिर,पल भर जो ठहर जाऊ तो मुझे माफ़ करना!!!!शुभरात्रि दोस्तों !!
आपके होठों पे मुस्कान भेज दूँ,आपके पास अपनी यादें भेज दूँ,सोने का हुआ है वक्त अभी,आपके लिए प्यारा सा ख्वाब भेज दूँ.Good Night.
दिल की किताब में गुलाब उनका था,रात की नींद में ख्वाब उनका था,कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा,मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था.