Dil Ki Dhadkno Ko Ek Lamha Sabar Nahi,
Shayad Ki Usko Ab Meri Kadar Nahi ,
Har Safar Mein Mera Kabhi Humsafar Tha Wo,
Ab Safar To Hai Magar Wo Humsafar Nahi.
चंदन की लकड़ी फूलों का हार,अगस्त का महीना सावन की फुहार,भैया की कलाई बहन का प्यार,मुबारक हो आपको रक्षा-बंधनका त्यौहार।
ज़िन्दगी से मेरी आदत नहीं मिलती,मुझे जीने की सूरत नहीं मिलती,कोई मेरा भी कभी हमसफ़र होता,मुझे ही क्यूँ मुहब्बत नहीं मिलती।
ख्वाहिशों के समंदर के सब मोती तेरे नसीब हो,तेरे चाहने वाले हमसफ़र तेरे हरदम करीब हों,कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम,कि तेरी हर दुआ, हर ख्वाहिश कबूल हो।