मंजिल मिलने से दोस्ती भुलाई नहीं जाती
हमसफ़र मिलने से दोस्ती
मिटाई नहीं जाती दूरियों से दोस्ती
छुपाई नहीं जाती।
ख्वाहिशों के समंदर के सब मोती तेरे नसीब हो,तेरे चाहने वाले हमसफ़र तेरे हरदम करीब हों,कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम,कि तेरी हर दुआ, हर ख्वाहिश कबूल हो।
आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा
तू हमसफ़र तू हमडगर तू हमराज नजर आता है, मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नजर आता है, कैसी उदास है जिंदगी... बिन तेरे... हर लम्हा, मेरे हर लम्हे में तेरी मौजूदगी का अहसास नजर आता है।
मंजिल मिलने से दोस्ती भुलाई नहीं जाती,हमसफ़र मिलने से दोस्ती मिटाई नहीं जाती,दोस्त की कमी हर पल रहती है यार,दूरियों से दोस्ती छुपाई नहीं जाती।