हमने ज़िन्दगी बितायीआँख सिरहाने लेकर,रात दुल्हन सी आयीसपने सुहाने लेकर…Shubh Ratri
दर्द मिन्नत-कशे- ✒ दवा न हुआ, मै न अच्छा हुआ बुरा न हुआ, जमा करते हो क्यों रकीबो को, एक तमाशा हुआ गिला न हुआ.
दर्द मिन्नत-कशे- ✒ दवा न हुआ,
मै न अच्छा हुआ बुरा न हुआ,
जमा करते हो क्यों रकीबो को,
एक तमाशा हुआ गिला न हुआ.
प्यार हो जाता है, करता कौन हैं
हम तो कर देंगे प्यार में जान भी कुरबान,
लेकिन पता तो चले कि..
हम से प्यार करता कौन हैं..!
अब ये हसरत है कि सीने से लगाकर तुझकोइस क़दर रोऊँ की आंसू आ जाये
कितना दर्द हैं दिल में दिखाया नही जाता,
गंभीर हैं किस्सा सुनाया नही जाता,
विडियो कॉल मत कर पगली,
रजाई में से मुहँ निकाला नही जाता...