जो रिश्ता हमको रूला दें,उससे गहरा रिश्ता कोई नहीं,जो रिश्ता रोते हुए छोड़ दें,उससे कमजोर रिश्ता कोई नहीं,बूरे वक्त में भी जो रिश्ता निभाए,उससे बड़ कर रिश्ता कोई नहीं।
जो रिश्ता हमको रूला दें,
उससे गहरा रिश्ता कोई नहीं,
जो रिश्ता रोते हुए छोड़ दें,
उससे कमजोर रिश्ता कोई नहीं,
बूरे वक्त में भी जो रिश्ता निभाए,
उससे बड़ कर रिश्ता कोई नहीं।
किस लोभ से “किसान” आज भी, लेते नही विश्राम हैं,
घनघोर वर्षा में भी करते निरंतर काम हैं
शिक्षा के प्रति प्रत्येक किसान को जागरूक होना चाहिए तभी उनका जीवन बेहतर हो सकता हैं.
जब कोई आप को अपना समय देता है,
तो याद रहे कि वह अपने जीवन की सबसे अमूल्य चीज आप को दे रहा है !
परिश्रम की मिशाल हैं, जिस पर कर्जो के निशान हैं,
घर चलाने में खुद को मिटा दिया, और कोई नही वह किसान हैं
सपने तो मेरे थे पर उनको पूरा करने का रास्ताकोई और दिखाए जा रहा था और वो थे मेरे पापा….
सपने तो मेरे थे पर उनको पूरा करने का रास्ता
कोई और दिखाए जा रहा था और वो थे मेरे पापा….