जो रिश्ता हमको रूला दें,उससे गहरा रिश्ता कोई नहीं,जो रिश्ता रोते हुए छोड़ दें,उससे कमजोर रिश्ता कोई नहीं,बूरे वक्त में भी जो रिश्ता निभाए,उससे बड़ कर रिश्ता कोई नहीं।
जो रिश्ता हमको रूला दें,
उससे गहरा रिश्ता कोई नहीं,
जो रिश्ता रोते हुए छोड़ दें,
उससे कमजोर रिश्ता कोई नहीं,
बूरे वक्त में भी जो रिश्ता निभाए,
उससे बड़ कर रिश्ता कोई नहीं।
सफलता ना मिले तो घबराना नही,
रुक कर सोचना तो पाओगे की ,
कुछ कदम चलना अभी शेष है।
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए,
जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए|
यकीन और दुआ नज़र नहीं आते मगर,
नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं।
मदद करना सीखिये
फायदे के बगैर
मिलना जुलना सीखिये
मतलब के बगैर
जिन्दगी जीना सीखिये
दिखावे के बगैर
और
मुस्कुराना सीखिये
सेल्फी के बगैर!