“धन अच्छा सेवक है, परन्तु ख़राब स्वामी भी है।”
चाहत तुम्हारी - रविवार की तरहहकीकत जिंदगी - सोमवार की तरह...!!
विद्या के अलंकार से अलंकृत होने पर भी दुर्जन से दूर ही रहना चाहिए,
क्योंकि मणि से भूषित होने पर भी क्या सर्प भयंकर नहीं होता
यकीन और दुआ नज़र नहीं आते मगर,
नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं।
धैर्य हमेशा आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा,
लगन आपको मंजिल तक अवश्य पहुंचाएगा,
मूल्यवान है ज़िन्दगी का हर लमहा,
इसे व्यतीत न करें बल्कि जी भर के जियें।