यूँ जमीन पर बैठकर क्यों आसमान देखता हैं,पंखों को खोल जमाना सिर्फ़ उड़ान देखता है.
यूँ जमीन पर बैठकर क्यों आसमान देखता हैं,
पंखों को खोल जमाना सिर्फ़ उड़ान देखता है.
जाड़े की रुत है नई तन पर नीली शाल
तेरे साथ अच्छी लगी सर्दी अब के साल...
होंठो ने मुस्कुराने से मना कर दिया..
आंसुओं ने बह जाने से मना कर दिया..
एक बार जो दिल टूटा प्यार में..
फिर इस दिल ने दिल लगाने
से मना कर दिया /...
आपकी पलकों पर रह जाये कोई!
आपकी सांसो पर नाम लिख जाये कोई!
चलो वादा रहा भूल जाना हमें!
अगर हमसे अच्छा दोस्त मिल जाये कोई
माँ ने कहा था कभी किसीका दिल मत तोडना,,इसलिए हमने दिल को छोड के बाक़ी सब तोड़ा !!