"अलार्म बंद कर,थोड़ी देर और सोने की आदत जाती नहीं,सफलता शायद इसलिए मेरे पीछे आती नहीं l"
कौन कहता है माँ का कलेजा दुनिया में सबसे नरम है,मैंने बेटियों की विदाई में अक्सर पिता को टूटते देखा है।
मुक्तसर सी ज़िन्दगी है मेरी तेरे साथ जीना चाहता हूँ,कुछ नहीं मांगता खुदा से बस तुझे मांगता हूँ.
किस लोभ से “किसान” आज भी, लेते नही विश्राम हैं,
घनघोर वर्षा में भी करते निरंतर काम हैं
शिक्षा के प्रति प्रत्येक किसान को जागरूक होना चाहिए तभी उनका जीवन बेहतर हो सकता हैं.
सफलता ना मिले तो घबराना नही,
रुक कर सोचना तो पाओगे की ,
कुछ कदम चलना अभी शेष है।