या देवी सर्व भूतेषु माँ रूपेण संस्थिता ।
या देवी सर्व भूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता ।
या देवी सर्व भूतेषु बुद्धि रूपेण संस्थिता ।
या देवी सर्व भूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै। नमस्तस्यै।
नमस्तस्यै। नमो नमः।।
तुम शराफ़त को बाज़ार में क्यूँ ले आए हो…
दोस्त
ये सिक्का तो बरसों से नहीं चलता…!!
तुम लाजवाब खूबसूरत, और महकते गुलाब हो।
वैलेंटाइन डे तुम्हें मुबारक हो, बस इतना सा ख्वाब है।।
उनके लिए जब हमने भटकना छोड़ दिया,
याद में उनकी जब तड़पना छोड़ दिया,
वो रोये बहुत आकर तब हमारे पास,
जब हमारे दिल ने धडकना छोड़ दिया
हर रात को तुम इतना
याद आते हो के हम भूल गए हैं,
के ये रातें ख्वाबों के लिए होती हैं,
या तुम्हारी यादों के लिए