तूने रुख से पर्दा क्या हटाया,
बेईमान दिल मुँह को होने लगा,
शर्मा कर तारें भी हैं छिपने लगे,
महताब बादलों से जो निकलने लगा !!
छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।
छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।
एक आस, एक एहसास, मेरी सोच और बस तुम,एक सवाल, एक मजाल, तुम्हारा ख़याल और बस तुम,एक बात, एक शाम, तुम्हारा साथ और बस तुम,एक दुआ, एक फ़रियाद, तुम्हारी याद और बस तुम,मेरा जूनून, मेरा सुकून बस तुम और बस तुम
हमारी हर रात तम्हारे साथ हो,
ओर प्यार मोहब्बत की बात हो,
हम लेले तुम को बाँहों में अपनी,
फिर बताये तुम ही ज़िन्दगी तुम ही हमारी कैनाथ हो,
गुड नाईट डिअर…
कही से ये फिजा आई
ग़मों की धुप संग लायी
खफा हो गये हम, जुदा हो गये हम....