इदारे अनेक हो, तो सोच बदल जाती है, प्यार साथ हो तो दुनिया की रौनक बदल जाती है,
तेरे बाद हमने इस
दिल का दरवाजा खोला ही नहीं
वरना बहुत से चाँद आये
इस घर को सजाने के लिए
खन खना खन है ख्यालों मेंजरुर आज उसने कंगन पहने होंगे
“तारीख हज़ार साल में बस इतनी सी बदली है,…
तब दौर पत्थर का था अब लोग पत्थर के हैं”….
जीत किसके लिए,हार किसके लिए,जिन्द गी भर यह तकरार किसके लिए,जो भी आया है वो जाऐगा एक दिन,फिर ये अहंकार किसके लिए।..