लाल गुलाबी रंग है झूम रहा संसार
सूरज की किरण खुशियों की बहार
चाँद की चांदनी अपनों का प्यार
शुभ हो आपको होली का त्यौहार
अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का
काल भी उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का
जय महाकाल
हैप्पी शिवरात्रि मित्रों
अब ये हसरत है कि सीने से लगाकर तुझकोइस क़दर रोऊँ की आंसू आ जाये
ना गिला है कोई हालात से,ना शिकायते है किसी की बात से,खुद ही सारे जुदा हुए,मेरी जिंदगी की किताब से..
आज उसकी एक बात ने मुझे मेरी गलती की यूँ सजा दी…
छोड़ कर जाते हुए कह गई,
जब दर्द बर्दाश्त नहीं होता तो मुझ से मोहब्बत क्यूँ की….!!!!
उसके साथ जीने का इक मौका दे दे, ऐ खुदा..
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे..