जिसकी सजा सिर्फ तुम हो
मुझे ऐसा गुनाह करना है
अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर हैं
जिसका अधिक प्रयोग करोगे वो उभरती व निखरती जायगी
दो हाथ से हम दस लोगों
को भी नही हरा सकते
परन्तु दो हाथ जोङ कर
हम करोङो लोगों का दिल जीत सकते है
बात वफ़ाओ की होती, तो कभी न हारते,
बात नसीब की थी, कुछ ना कर सके।