मिलने का वादा कर गयी थी,
वापस लौट आउंगी ये कहकर गयी थी,
आई है अब वो जनाज़े पे मेरे,
वादा वो अपना निभाने चली थी!!
मुक्तसर सी ज़िन्दगी है मेरी तेरे साथ जीना चाहता हूँ,कुछ नहीं मांगता खुदा से बस तुझे मांगता हूँ.
बंदर की बेटी बंदर से बोली…
बेटी –पापा मेरी शादी करा दो
बंदर – अरे मेरी बेटी..
थोड़ा धीरे बोल..
थोड़ा सब्र कर..देख अभी तेरा दूल्हा मैसेज पढ़ रहा है
हंस गए तो समझो रिश्ता पक्का
है एक रंग नया सा, रूप नया सादिल में है आज एहसास नया सा
नयी चाहते हैं और नयी उमंगेंमन में है एक ख्वाब नया सा
नयी है साल, नया हैं दिनरखो अंदाज़ ऐसे जीने का प्यारा सा
नया साल मुबारक हो