FORGET THE ONES THAT FORGOT YOU...
आहिस्ता आहिस्ता कीजिये कत्ल मेरे अरमानों का……
कहीं सपनों से लोगों का ऐतबार ना उठ जाए..
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
बहोत अंदर तक जला देती है,वो शिकायतें जो बयाँ नही होती..
सहस शील हृदय में भर देजीवन त्याग से भर दे,संयम सत्य स्नेह का वर देमाँ सरस्वती आपके जीवन में उल्लास भर दे!