अस्पताल से डिस्चार्ज होते वक़्त अगर डॉ या नर्स से इश्क़ ना हुआ तो,;;;;;लल्ला उस अस्पताल को सरकारी कहते हैं...
अब तो हद हो गयी यारो....।।।लडकी वालो ने यह.कहते हुए. रिश्ता ठुकरा दिया...।कि तेरे गांव मेजियो का टावर नहीं हैं...म्हारी लड़की बोर हो जागी
हमने “क्रिस गेल” को एक तरफ “डव” से धोया… .
फिर…..??? बस फिर क्या… फिर
डव को दो बार “टाइड” से धोना पड़ा! 😀
मिर्ज़ा ग़ालिब:हमें तो अपनों ने लूटागैरो में कहाँ दम थाअपनी कश्ती वहां डूबीजहां पानी कम थाग़ालिब की पत्नी:तुम तो थे ही गधेतुम्हारे भेजे में कहाँ दम थावहां कश्ती लेकर गए ही क्योंजहाँ पानी कम था!!
क्या करें कहां जाएं,
यह तो जिंदगी भर का
रोना
है
घर में बैठी है शेरनी, बाहर कोरोना है