तेरे एहसास से जुड़ी हर एक चीज़ को संभाले रखा है,
तुझसे शुरू हुई दास्तां का नाम हमने इश्क रखा है!
कभी सीने से लगा कर
मेरे दिल की धड़कन तो सुनो,
ये हर पल सिर्फ तुम्हारा ही नाम लेती है!!
नहीं ‘मालूम ‘हसरत है या तू मेरी मोहब्बत है,बस इतना जानता हूं कि मुझको तेरी जरूरत है।
मोहब्बत में दिल का हर एहसास बहुत अनमोल है… कौन कहता है यह के मोहब्बत हमें, सिर्फ जुदाई देगी…
ऐ खुदा लोग बनाये थे पत्थर के अगर,
मेरे एहसास को शीशे का न बनाया होता।