चलो आज खामोश प्यार को इक नाम दे दें,अपनी मुहब्बत को इक प्यारा अंज़ाम दे देंइससे पहले कहीं रूठ न जाएँ मौसम अपनेधड़कते हुए अरमानों एक सुरमई शाम दे दें !
मोमबती के अंदर पिरोया गया
धागा मोमबती से पूछता है.. ..
"" जब मैं जलता हूं तो तू क्युं
पिघलती (रोती) है ।
मोमबती ने सुंदर जवाब
दिया ....
कहा कि-----
जब किसी को दिल के अंदर
जगह दी हो और वो ही छोड़के
चला जाये तो रोना तो आयेगा ही...
तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो,प्यार का तालुक भी अजीब होता है,आंसू मेरे थे सिसक रहा था वो..
आ गया है फर्क तुम्हारी नजरों में यकीनन…
अब एक खास अंदाज़ से नजर अंदाज़ करते हो हमे…