हमने तो तेरे इश्क़ में रो रो कर
दरिया बहा दिए,
तू इतना बेवफा निकला कि
हम उस दरिया में नहा लिए।
काश प्यार का इन्शुरन्स हो जाता,
प्यार करने से पहले प्रीमियम भरवाया जाता.
प्यार में वफ़ा मिली तो ठीक वर्ना,
बेवफाओं पे जो खर्चा होता उसका क्लेम तो मिल जाता।
उनकी मुस्कान तो एक अदा है,
जो उसे प्यार समझे वो सबसे बड़ा गधा है।
देखकर मेरी आँखें एक फकीर कहने लगा,
पलकें तुम्हारी नाज़ुक है,
खवाबों का वज़न कम कीजिये...!
आँखो से आँखे मिलाकर तो देखो,
एक बार हमारे पास आकर तो देखो,
मिलना चाहेंगे सब लोग तुमसे,
एक बार मेरे दोस्त साबुन से नहाकर तो देखो।