Romantic Shayari for Girlfriend and Boyfriend

खुशबू की तरह आसपास बिखर जायेंगे, 
सुकून बनकर दिल में उतर जायेंगे, 
महसूस करने की कोशिश कीजिये, 
दूर होकर भी आपके पास नजर आएंगे।

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मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं,
आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं,
आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं,
जहाँ किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते है।

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वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है.
जो मुझे तुझसे जुदा करती है,
हाथ की उस लकीर से डर लगता है!

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देखो, आहिस्ता चलो, और भी आहिस्ता ज़रा
देखना, सोच-सँभल कर ज़रा पाँव रखना,
ज़ोर से बज न उठे पैरों की आवाज़ कहीं.
काँच के ख़्वाब हैं बिखरे हुए तन्हाई में,
ख़्वाब टूटे न कोई, जाग न जाये देखो,
जाग जायेगा कोई ख़्वाब तो मर जाएगा

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“तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान,
दिल तड़पता रहा, हम मिटाते रहे...
ख़त लिखे थे जो तुमने कभी प्यार में,
उसको पढते रहे और जलाते रहे....”

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दुःख देकर सवाल करते हो,
तुम भी जानम कमाल करते हो,


देख कर पूछ लिया हाल मेरा,
चलो कुछ तो ख्याल करते हो,


शहर-ए दिल में ये उदासियाँ कैसी,
ये भी मुझसे सवाल करते हो,


मरना चाहें तो मर नहीं सकते,
तुम भी जीना मुहाल करते हो,


अब किस-किस की मिसाल दूँ तुम को,
हर सितम बे-मिसाल करते हो।
 -मिरजा गालि़ब साहब

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जब भी करीब आता हूँ बताने के लिये,
जिंदगी दूर रखती हैं सताने के लिये,
महफ़िलों की शान न समझना मुझे,
मैं तो अक्सर हँसता हूँ गम छुपाने के लिये।

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काश उन्हें चाहने का अरमान नही होता,
में होश में होकर भी अंजान नही होता,
ये प्यार ना होता, किसी पत्थर दिल से,
या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता!

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चौदहवीं रात के इस चाँद तले
सुरमई रात में साहिल के क़रीब 
दूधिया जोड़े में आ जाए जो तू 
ईसा के हाथ से गिर जाए सलीब 
बुद्ध का ध्यान चटख जाए ,कसम से 
तुझ को बर्दाश्त न कर पाए खुदा भी 
दूधिया जोड़े में आ जाए जो तू 
चौदहवीं रात के इस चाँद तले !

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इश्क का होना भी लाजमी है शायरी के लिये..
कलम लिखती तो दफ्तर का बाबू भी ग़ालिब होता।

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