kabhi to shaam Dhale apne ghar gae hote
kisi kī aankh men rah kar sañvar gae hote

Click Here To Read Full Post

6948 Views

कोई वादा खुद से, निभाओ तो सही..
कभी खुद से खुद को, मिलवाओ तो सही..
तल्खियां लेकर, रोज लोटते हो..
कभी मुस्कुराहटें भी घर, लाओ तो सही..
रौनके भी होगी, महफिलें भी सजेगी..
कभी अपने आशियाने को, सजाओ तो सही..
खिल उठेगी, दिल की हर दर ओ दीवार..
कभी च़राग सा खुद को, जलाओ तो सही..
फांसले भी घटेंगे, नजदीकियां भी बढेगी..
कभी एक कदम ईमानदारी का, बढाओ तो सही..
खुशियां इतनी मिलेगी, दामन छोटा लगेगा..
कभी अपनो के आगे, झोली फैलाओ तो सही..
बहता हुआ मिलेगा, प्यार का समंदर..
कभी प्यासे रहकर…घर आओ तो सही..

Click Here To Read Full Post

6425 Views

बहुत दूर है तुम्हारे घर से हमारे घर का किनारा,
पर हम हवा के हर झोंके से पूछ लेते हैं क्या हाल है तुम्हारा।

Click Here To Read Full Post

14277 Views

dostoñ se mulāqāt kī shaam hai

ye sazā kaaT kar apne ghar jā.ūñgā

Click Here To Read Full Post

6157 Views