मुझे इस बात का गम नहीं कि बदल गया ज़माना;
मेरी जिंदगी तो सिर्फ तुम हो, 
कहीं तुम ना बदल जाना!

Click Here To Read Full Post

4455 Views

उसने मिलने की अजीब शर्त रखी… 
गालिब चल के आओ सूखे पत्तों पे लेकिन कोई आहट न हो!

Click Here To Read Full Post

29269 Views

ये किस तरह की ज़िद दिल मुझ से करने लगा, 
जिसे मैंने भूलना चाहा उसे वो याद करने लगा .

Click Here To Read Full Post

4681 Views

हमको तो बस तलाश नए रास्तों की है, 
हम हैं मुसाफ़िर ऐसे जो मंज़िल से आए हैं...

Click Here To Read Full Post

4741 Views

मंजिल का नाराज होना भी जायज था… 
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे…!

Click Here To Read Full Post

4531 Views