Shayari - Bewafa

आज हम उनको बेवफा बताकर आए है,
उनके खतो को पानी में बहाकर आए है,
कोई निकाल न ले उन्हें पानी से..
इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है।

Click Here To Read Full Post

18975 Views

रास्ते खुद ही तबाही के निकाले हम ने,
कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने,
हाँ मालूम है क्या चीज़ हैं मोहब्बत यारो,
अपना ही घर जला कर देखें हैं उजाले हमने।

Click Here To Read Full Post

6288 Views

मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं,
आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं,
आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं,
जहाँ किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते है।

Click Here To Read Full Post

7268 Views

काश उन्हें चाहने का अरमान नही होता,
में होश में होकर भी अंजान नही होता,
ये प्यार ना होता, किसी पत्थर दिल से,
या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता!

Click Here To Read Full Post

10752 Views

दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे..

Click Here To Read Full Post

34277 Views

वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,
हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे,
हमें ही मिल गया खिताब-ए-बेवफा क्योंकि,
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे।

Click Here To Read Full Post

23178 Views

अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो;
मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो;
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना;
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।

Click Here To Read Full Post

6191 Views

नादान इनकी बातो का एतबार ना कर,
भूलकर भी इन जालिमो से प्यार ना कर,
वो क़यामत तलक तेरे पास ना आयेंगे,
इनके आने का नादान तू इन्तजार ना कर!

Click Here To Read Full Post

7601 Views

बेबस निगाहों में है तबाही का मंज़र,
और टपकते अश्क की हर बूंद
वफ़ा का इज़हार करती है........
डूबा है दिल में बेवफाई का खंजर,
लम्हा-ए-बेकसी में तसावुर की दुनिया
मौत का दीदार करती है..........
ऐ हवा उनको कर दे खबर मेरी मौत की... और कहेना,
के कफ़न की ख्वाहिश में मेरी लाश
उनके आँचल का इंतज़ार करती है..........

Click Here To Read Full Post

32833 Views